Monday, October 7, 2013

SEARCH REASON FIND SOLUTION


पिछ्ले ब्लॉग  में  बलात्कार के मूल कारणों को ढुढने  search reason find solution के साथ चिंतन और मंथन का सफ़र शुरू किया . .कुछ  समय पहले दहेज दानव ने हमारी बच्चियों को जलाकर ज्घन्य अपराध किया था .यधपि दहेज प्रथा आज भी पूरी तरह ख़त्म नहीं हुआ पर मानसिकता बदली ,लडकियों ने अपनी पहचान बनायी .कड़े कानून बने ,सजा मिली .ऐसे अपराधों से निजाद पुरे समाज की जागरूकता से सम्भव हो पाया .आज फिर हमारी मासूम बच्चिया दरिंदो की शिकार हो रही है .जब तक न्याय ,समाधान न मिले अपने अन्दर की आग को  जलने  दीजिए
                                                                                           
                                           आज सोच और कलम एक और  मूल कारणों को ढूढने का प्रयास कर रहा  है _एक तरफ उच्ची शिक्षा  नये मुकाम बना रही है तो दूसरी तरफ एक ऐसा वर्ग बन रहा है जिसे आधी अधूरी शिक्षा  ही मिल पाती है जो जन्म देता  है एक कुण्ठित मन। इसे पनपाने में सरकार ,व्यवस्था कितनी जिम्मेवार है ये भी अहम सवाल है .गलत सोच, कुसंगत और शराब की लत सब मिलाकर हैवानियत को पार करता दुष्कर्म जो किसी भी माफ़ी के लायक नहीं

समाधान _मूल कारण अवश्य ढूढे जाने चाहिए जिससे आने पीढ़ी सर उठा के जी सके .पर अभी बिना समय गवाये सख्त कार्यवाही की आवश्कता है अवैध शराब खानों को तुरन्त बंद किया जाय .दुष्कर्मियो का बुलेटिन जारी करे ,समाचार पत्रों में लिखे जाए  ये नहीं कि उसे रिमांड पर भेजा गया ,पुछ ताछ ,कपड़ो की जाँच ...........नहीं ये बिल्कुल नहीं    उसे कितने कोड़े पड़े ,कितने पत्थर तोड़े ,उन हथेलियों को कितनी छड़ी पड़ी जिसने मासूमो को बेहिसाब दर्द देने का दुह्साहस किया .इसे आक्रोश की आवाज न समझे .समाज की भावनाओ को समझे ,गौर करे ,लागू करे .

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