दिल चाहता है
शादी के पच्चीस सालों के बाद भी उन दिनों की याद आज भी ताजा है। आज भी ब्रेड -बटर का नाश्ता हम पति -पत्नी को रोमांचित कर देता है। शादी के बाद नई बहू को पाक -शास्त्र की परीक्षा देना सबसे अहम होता है और उनकी पसंद को आंकने की कला भी होनी चाहिए। रोज मैं देखा करती सभी नाश्ते मे ब्रेड -बटर खाया करते। मैंने अपना दिमाग लगाया,क्यों न इनके पसंद का ही नाश्ता बनाया जाय। करारे टोस्ट के साथ सूप भी बनाया और बेसब्री के साथ सबका इंतजार करने लगी पर ये क्या पतिदेव ने बड़ी बेरुख़ी से कहा आज भी वही घीसा -पीटा नाश्ता मैंने तो सोचा था अब कुछ अलग खाने को मिलेगा। मुझे कुछ समझ नही आया ,अपने कमरे में आकर फूट -फूटकर रो पड़ी। मुझे रोते देख मेरे पति ने बड़े प्यार से मुझे मनाया ,अपनी गलती भी मानी साथ ही असलियत भी बताया उन्होंने बताया "-माँ के गुजर जाने के बाद हमलोग बहुत अकेले हो गये हर जगह उनकी कमी खलती है उनके बनाये स्वादिष्ट खाने का स्वाद बस याद बनकर रह गया है। ब्रेड खाना तो हमारी मजबूरी है। तुम्हारे आने पर सोचा" मैंने उन्हें रोकते हुए कहा -मैं समझी ये आपलोगों का पसंदीदा नाश्ता है इतना सुनते ही मेरे पतिदेव को हँसी आ गई और मुझे भी।
दूसरे दिन गरम -गरम कचौड़ी ,आलू मटर की सब्जी के साथ मीठे में खीर बनाकर सब का दिल जीत लिया।
-नीना मंदिलवार
पता -श्री परितोष कुमार
बिहार ग्रामीण बैंक (रिजनल ऑफिस )
बेगुसराय ,बिहार
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